बुधवार, 12 अक्तूबर 2016

दोगली देशी कुकुरिया अऊर विलाईती बोल-८ (ख)


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दोगली कुकुरिया का असली दोगलापन तो तब सामने आया खुलकर जब अब्बू की तरफ पियार ओवरफ्लो होवे लगा तो तलाकशुदा अम्मी भी अँखिया की किरकिरी बनने लगी। शाहबानो केस दोगलई का पीक था गुरूदेव अऊर एतना कि सुप्रीम कोर्ट से भी आर-पार का फैसला करने के लिए उसके द्वारा दिए हुए फैसले का गला दबा दिया जब कुकुरिया के चचा लोग चिल्लाने लगे कि सुप्रीम कोर्ट हमरे शांति वाले धर्म में बिला वजह अँगुरिया रहा है। राजू भाई जोशियाए कि सुप्रीम कोर्ट की का मजाल है कि अँगुरी उठा दे, अँगुरियाने का बात तो छोड़ दीजिए। अपने भाई लोग का बेईज्जती कईसे बर्दाश्त होता तो संविधान में अँगुरी करके चचा लोगों की ईद मुबारक करा दी।
वोट बैंक के चक्कर में ईद तो मनवा दिए चचा लोगों का लेकिन गड़बड़ हो गया। ईधर होली-दिवाली मनाने वाले 'काफिर' मुँह फुला लिए। अब तो अँगुरी का दिशा बदल रहा था अऊर लगने लगा कि अपने अंदर ही न घुस जाए। त राजू चचा को लगने लगा कि कहीं बालटी वाले वोट बैंक के चक्कर में पूरा टंकी न खिसक जाए। राजू चचा को पसीना आ गया तो बोले कि 'ताला खोलो ससुरों! रामजी को कैद मे रखे हो, इतना जुल्म। ताला खुला तो 'काफिरों' ने राम नवमी मनाई। 'काफिरों' ने राम नवमी मनाई तो चचा लोग गुस्सा होकर मुँहवा फुला लिए।  मुद्दा तो हिन्दू-मुसलमानों के बीच का विवादित मुद्दा था, अऊर वोट बैंक खिसकने का डर हो गया। अब का करें? तब चेला लोग लगा डफली बजावे एक ठे नया शिगूफा छोड़कर 'हिंदू आतंकवाद' का। आप जनते हैं कि कांग्रेस को baptism की तरह 'सेकुलराईज' करके सेकुलरिज्म का पट्टा अऊर देख-रेख का जिम्मेदारी तो उसको दे ही दिया गया था तो सेकुलरिज्म अऊर लोकतंत्र का बलात्कार हो या भरसांई में जाए ऊ तो उसकी जागीर हईए है। सुप्रीम कोर्ट-सोर्ट का कवन औकात है कि आँख तरेरे, अँखिया नहीं निकाल दिया जाएगा?
लेकिन गुरूजी यह तथ्यात्मक बात तो हमको कहने पड़ेगा कि मजहबी कारणों के चलते देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट के फैसले को खाली शाहबानों मामले में ही नहीं बदला गया, बल्कि ई काम अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का अल्पसंख्यक दर्जे मामले में 1981 में ही किया जा चुका है।

साल 1968 में अज़ीज़ बाशा के मामले में फैसला देते हुए माननीय सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा नहीं दिया जा सकता। सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले को 1981 में संविधान संशोधन विधेयक के जरिये पलट दिया गया।
एतना कहने के बाद कलऊतिया दस सेकेंड के लिए हमको आँख तरेर कर देखी अऊर बोली " गुरू जी अऊर दें कि अऊर तीखा वाला चाहिए?गुरूदेव अऊर प्रूफ दें का कि एतने से काम चल जाएगा? वईसे सुने हैं कि आपको तीखा बहुत पसंद है।" इतना कहकर कलऊतिया धनियवा की तरफ देखकर बहुत गंदा तरह से मुसकियाई तो करेजा हमारा धधकने लगा लेकिन हम बोल का सकते थे  हम नींचे शुतरुर्मुघ टाईप देखने लगे तो कलऊतिया अपनी जगह से निकल कर सीधे मेरे टेबल के पास आकर मेरे बोतल से पानी ढकार गई। सीट पर लउटने पर अपने बांही से मुँह पोछते हुए बोली  "गुरूदेव आप को लग रहा होगा कि कलऊतिया एक धरम के पीछे नहा-धोके पड़ गई है तो आप गलत हैं। गुरूदेव एक ठो राज्य है देश में जहाँ पाँच ठो नदी बहती है, जानते हैं उसका नाम है पंजाब। ऊँहा उन लोगों का बहुत बड़ा मंदिर है स्वर्ण मंदिर। मालूम है आपको एक ठो ऑपरेशन किया था सरकार ने जिसका नाम था 'ऑपरेशन ब्लू स्टार'। जानते हैं ऊ कऊनो मेडिकल वाला ऑपरेशन नहीं था, कोडवर्ड था सरकार का अपनी कार्यवाई के लिए। स्वंर्ण मंदिर को आतंकवादी कब्जिया लिया था कुल। ऊ कऊनो अलकायदा अऊर आईयस का आतंकवादी नहीं था बल्कि प्रेम से रहने वाला भारतीय सिख समुदाय का था।.  जानते हैं ऊहे भिंडरावाले जो पाकिस्तान के तर्ज पर खालिस्तान का माँग कर रहा था सिख समुदाय के लिए अलग देश। गुरूजी जानते हैं भिंडरावाले का औकात एतना कईसे बढ़ा? इहे सेकुलर दोगलवा कुल जिम्मेदार हैं। जानते हैं इनिरा माई को पचा ही नहीं कि इतने मालदार राज्य में हमारा सरकार कईसे नहीं है? अईसा करो कि धर्म के नाम पर बाँट दो। राजू भाई के छोटे भाई संजू चचा को भी माई का चिंता देखा नहीं जा रहा था। तो संजू भाई ने मोहड़ा संभाला काहे कि राजू भाई ईटली की हवा में देश को उड़ाने की बेवस्था कर रहे थे। अकालियों के आगे इन लोगों का दाल तो गलता नहीं , तो किसी को तईयार करो इनके बीच में से ही अऊर इनको तोड़ दो। 1977 के चुनाव में अकाली-जनता का गठबंधन, मुखमंत्री जैल सिंह को पटकनी देकर सत्ता में आई तो कांग्रेस के पेट में बहुत तेज दरद हुआ कि बिना 'वोवेरॉन' इंजेक्सन से काम होबे नहीं करता। अब आदमी कौन सा हो तो कई लोगों को देखा गया। गुरूजी इंटरभ्यू भी लिया गया था अऊर दू लोग सेलेक्ट हुए। भिंडरावाले को सेलेक्ट किया गया काहे कि दुसरका ओतना तगड़ा एमजी का गोली नहीं था कि पेट का दरद सही होता। संजू भाई के तेल लगाने वाले तेली दोस्त थे और अभी भी हैं जो कमल के नाथ हैं ऊ डाकिया का काम करते थे। पूरा चारा भिंडरावाले को पहुँचाते थे ताकि दरद कम हो अऊर अकाली-जनता की सरकार के नींचे से कुर्सी खींच लिया जाए। लेकिन हो गया उलट, भिंडरावाले के अंदर पाकिस्तान को एक सॉफ्ट हथियार मिला तो पाकिस्तान हथियार सप्लाई करने लगा। ऊँगली करने गए थे उँगली ने दिशा बदल ली तब तक संजू भाई चल दिए अऊर 'फटा पोस्टर निकला हीरो' टाईप राजू भाई आ गए माई की सेवा में। भिंडरावाले को खूब चारा मिला बाहर अऊर भित्तर से दूनों तरफ से तो लगा सेकुलरवन का ही गला दबाने। अब रोग बढ़ गया था तो ऑपरेशन करना मजबूरी हो गया तो हुआ 'ऑपरेशन ब्लू-स्टार' जिसका नतीजा हुआ इंदिरा जी का हत्या। राजू भाई मजबूर तो आना पड़ा मैदान में। देखिए सेकुलरिज्म को कि मारे गए नाक के नींचे ३००० सिख। पूरा देश में सेकुलरिज्म अपना संदेश दिया सिखों को।"
इतना बोलने के बाद कलऊतिया हमको देखी गुस्सा से लाल होकर अऊर आगे बोली " गुरूजी इसी तरह से छोटे- छोटे कई उदाहरण हैं जो देश के कई भागों में हुए। तनि मामला के तह में जाकर देखिए बहुत सारा उदाहरण मिलेगा गुरूजी। सेकुलरिज्म ने आज तक खाली तोड़ने का काम किया है, जोड़ने के लिए तो बनाया ही नहीं है इसे"
हम तो गूँग टाईप चुपचाप सुन रहे थे अऊर जैसे कलऊतिया अपनी जगह पर बैठी वईसे ही घंटा बज गया। नौकरी था नहीं तो हम भी कह देते ' तेरी गलियों में रखेंगे ना कदम आज के बाद' कहकर निकले होते। पूरा कलास जमकर बहुत तेज तेज ताली अऊर सीटी बजाने लगा तो हम भी बोतल अऊर किताब उठाकर बाहर आकर स्टाफ रूम में जाकर दू बोतल पानी ढकार लिए। भभा रहा था बड़ी तेज, लेकिन का करते अऊर का कहते।

'बेबाकबनारसी

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